How many karma are there? please reply in hindi

Philosophy 112 views Asked 04 September, 2025

Quick Answer

जैन धर्म में कुल आठ प्रकार के कर्म होते हैं, जिन्हें सामान्यतः आठ कर्म कहा जाता है। कुछ ग्रंथों में इनके वर्गीकरण या विवरण में थोड़ी भिन्नता देखी जाती है।

Detailed Answer

जैन दर्शन के अनुसार, कर्म एक प्रकार की सूक्ष्म पदार्थ है जो जीवात्मा पर चिपक जाती है और उसकी आत्मा की शुद्धि में बाधा डालती है। मुख्य रूप से आठ प्रकार के कर्मों को माना जाता है, जो जीव के जन्म, आयु, ज्ञान, सुख-दुःख आदि को नियंत्रित करते हैं। ये आठ कर्म हैं: ज्ञान-बंधन, दर्शन-बंधन, मोह-बंधन, नामकरण-बंधन, आयु-बंधन, शीघ्रता-बंधन, सुख-दुःख बंधन और शरीर बंधन।

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