अंतरात्मा के तीन प्रकार
Quick Answer
अंतरात्मा के तीन प्रकार सामान्यतः ज्ञानात्मा, द्रव्यात्मा और कर्मात्मा माने जाते हैं, जिनमें कुछ ग्रंथों में विवेचना में हल्का भेद हो सकता है।
Detailed Answer
जैन दर्शन में अंतरात्मा का अर्थ आत्मा के विभिन्न पहलुओं या प्रकारों से है। सबसे सामान्य वर्गीकरण में अंतरात्मा को ज्ञानात्मा, द्रव्यात्मा और कर्मात्मा के रूप में समझा जाता है। ज्ञानात्मा वह होता है जिसमें आत्मा का ज्ञान और चेतना का स्वरूप होता है। द्रव्यात्मा आत्मा के स्थूल और सूक्ष्म द्रव्यात्मक गुणों को दर्शाता है। कर्मात्मा आत्मा के साथ जुड़े कर्मों का प्रतिबिंब होता है, जो उसके अनुभवों और पुनर्जन्म को निर्धारित करता है।
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