चंद्रप्रभ स्वामी भगवान का मोक्ष (निर्वाण) कल्याणक 2026: चंद्रप्रभ स्वामी भगवान को मोक्ष कहाँ और कैसे प्राप्त हुआ, और जैन उनका निर्वाण कल्याणक कैसे मनाते हैं?
Quick Answer
चंद्रप्रभ स्वामी भगवान को मोक्ष सम्मेद शिखर पर प्राप्त हुआ और जैन समुदाय उनका निर्वाण कल्याणक श्रावण वद ७ को मनाता है।
Detailed Answer
चंद्रप्रभ स्वामी, जो जैन धर्म के 8वें तीर्थंकर हैं, उनका मोक्ष कल्याणक सम्मेद शिखर पर हुआ था, जो जैन तीर्थों में अत्यंत पवित्र स्थान माना जाता है। उनका जन्म स्थान चंद्रपुरी था और उनका प्रतीक चंद्रमा है। जैन धर्म में उनका निर्वाण कल्याणक श्रावण मास के वद ७ तिथि को मनाया जाता है, जो 2026 में 3 सितंबर को पड़ता है। यह तिथि चंद्रप्रभ स्वामी के मोक्ष की स्मृति में आयोजित की जाती है और इस दिन जैन श्रद्धालु विशेष पूजा, ध्यान और धार्मिक अनुष्ठान करते हैं। यह पर्व जैन पंचांग के अनुसार निर्धारित होता है और स्थानीय संघों के पंचांग में एक दिन का अंतर हो सकता है। मोक्ष कल्याणक का आयोजन जैन समुदाय के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है क्योंकि यह आत्मा की मुक्ति और निर्वाण की प्राप्ति का प्रतीक है, जो जैन धर्म के मोक्ष मार्ग की सिद्धि को दर्शाता है। इस अवसर पर जैन साधु-संत और श्रद्धालु मिलकर उपवास, प्रार्थना और धर्मोपदेश करते हैं, जिससे आत्मा की शुद्धि और मोक्ष की प्राप्ति की प्रेरणा मिलती है।
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