महावीर स्वामी भगवान का मोक्ष (निर्वाण) कल्याणक 2026: महावीर स्वामी भगवान को मोक्ष कहाँ और कैसे प्राप्त हुआ, और जैन उनका निर्वाण कल्याणक कैसे मनाते हैं?
Quick Answer
भगवान महावीर को निर्वाण कल्याणक पावापुरी में प्राप्त हुआ था, और जैन समुदाय इसे कार्तिक अमावस्या को महावीर निर्वाण कल्याणक के रूप में मनाता है। 2026 में यह पर्व 8 नवंबर को मनाया जाएगा।
Detailed Answer
भगवान महावीर ने अपने जीवन के अंतिम क्षण पावापुरी में बिताए जहाँ उन्होंने निर्वाण प्राप्त किया, जिसे जैन धर्म में मोक्ष या निर्वाण कल्याणक कहा जाता है। यह घटना कार्तिक अमावस्या की रात हुई थी, जो जैन पंचांग के अनुसार अत्यंत पवित्र मानी जाती है। जैन समुदाय इस दिन को महावीर निर्वाण कल्याणक के रूप में मनाता है, जो भगवान महावीर के मोक्ष की स्मृति में होता है। 2026 में यह पर्व 8 नवंबर, रविवार को मनाया जाएगा, जो कार्तिक अमावस्या तिथि से मेल खाता है। इस दिन जैन श्रद्धालु भगवान महावीर के निर्वाण की महिमा का स्मरण करते हुए उपवास, पूजा, प्रार्थना और धार्मिक अनुष्ठान करते हैं, जिससे आत्मा की शुद्धि और मोक्ष की प्राप्ति की कामना की जाती है। महावीर निर्वाण कल्याणक दीपावली के साथ भी जुड़ा होता है, क्योंकि यह पर्व आमतौर पर दीपावली के समय आता है। जैन धर्म में यह दिन अत्यंत महत्व रखता है क्योंकि यह आत्मा के अंतिम बंधनों से मुक्ति का प्रतीक है। जैन पंचांग के अनुसार, 2026 में चातुर्मास 28 जुलाई से शुरू होकर 24 नवंबर को समाप्त होगा, जिसमें महावीर निर्वाण कल्याणक प्रमुख पर्वों में से एक है। इस प्रकार, जैन धर्म में महावीर स्वामी का मोक्ष पावापुरी में हुआ और यह पर्व कार्तिक अमावस्या को श्रद्धा और विधिपूर्वक मनाया जाता है।
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