मल्लिनाथ भगवान की दीक्षा क्यों और कैसे ली गई

Asked as: “मल्लिनाथ भगवान का दीक्षा कल्याणक 2026: मल्लिनाथ भगवान ने दीक्षा क्यों और कैसे ली, क्या त्यागा, और उनका दीक्षा कल्याणक कैसे मनाया जाता है?”

Tirthankaras 6 views Asked 07 November, 2026

Quick Answer

मल्लिनाथ भगवान, 19वें तीर्थंकर, ने मिथिला में दीक्षा ली थी और उनका दीक्षा कल्याणक 20 दिसंबर 2026 को माघ शुक्ल एकादशी तिथि को मनाया जाएगा।

Detailed Answer

मल्लिनाथ भगवान, जो 19वें तीर्थंकर हैं, उन्होंने मिथिला में दीक्षा ग्रहण की थी, जिसमें उन्होंने सांसारिक जीवन का त्याग कर मोक्ष की ओर अग्रसर होने का मार्ग अपनाया। उनकी दीक्षा का उद्देश्य सांसारिक बंधनों से मुक्त होकर आत्मा की शुद्धि और मोक्ष की प्राप्ति था। मल्लिनाथ भगवान का दीक्षा कल्याणक माघ मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को आता है, जो 20 दिसंबर 2026 को पड़ रहा है, और यह तिथि भारतीय पंचांग के अनुसार निर्धारित की गई है। इस अवसर पर जैन समुदाय विशेष पूजा, ध्यान, और धार्मिक अनुष्ठान करता है, जिसमें भगवान मल्लिनाथ की महिमा का स्मरण और उनकी शिक्षाओं का पालन किया जाता है। दीक्षा कल्याणक के दिन जैन श्रद्धालु उपवास, प्रार्थना, और प्रातःकालीन स्वाध्याय करते हैं तथा मंदिरों में विशेष आयोजन होते हैं। यह पर्व जैन धर्म में तीर्थंकर की आध्यात्मिक यात्रा और त्याग को याद करने का महत्वपूर्ण अवसर है, जो सभी जैनों के लिए प्रेरणा का स्रोत होता है। ध्यान रहे कि यह तिथि भारत के स्थानीय पंचांग के अनुसार है, इसलिए अन्य स्थानों पर एक दिन का अंतर हो सकता है।

Source References

This answer is generated by JainGPT and grounded in primary Jain scriptures, commentaries and scholarly texts from our digitised library. See the cited references below and our editorial standards.

Loading references...

Was this answer helpful?

Your feedback helps more seekers find trustworthy Jain wisdom.

Comments (Loading...)

Loading comments...