पार्श्वनाथ भगवान ने दीक्षा क्यों और कैसे ली?

Asked as: “पार्श्वनाथ भगवान का दीक्षा कल्याणक 2027: पार्श्वनाथ भगवान ने दीक्षा क्यों और कैसे ली, क्या त्यागा, और उनका दीक्षा कल्याणक कैसे मनाया जाता है?”

Tirthankaras 7 views Asked 07 November, 2026

Quick Answer

पार्श्वनाथ भगवान ने दीक्षा ली और संसारिक जीवन का त्याग किया, उनका दीक्षा कल्याणक 3 जनवरी 2027 को माघ शुक्ल एकादशी को मनाया जाएगा।

Detailed Answer

पार्श्वनाथ भगवान, जो 23वें तीर्थंकर हैं, ने अपने सांसारिक जीवन का त्याग करते हुए दीक्षा ग्रहण की, जिससे उन्होंने मोक्ष की ओर पहला कदम बढ़ाया। उन्होंने सांसारिक बंधनों, जैसे परिवार, सांसारिक सुख-सुविधाओं और सांसारिक कर्तव्यों का त्याग किया तथा तपस्या, संयम और अहिंसा के मार्ग पर चलना आरंभ किया। उनकी दीक्षा का प्रतीक उनके मूर्ति पर सर्प का लक्षण है, जो उनकी पहचान है। यह दीक्षा कल्याणक माघ मास की शुक्ल एकादशी तिथि को आता है, जो इस वर्ष 3 जनवरी 2027 को पड़ रहा है, और यह तिथि भारतीय पंचांग के अनुसार निर्धारित होती है, इसलिए स्थानीय संघ के पंचांग में एक दिन का अंतर हो सकता है। इस दिन जैन समुदाय विशेष पूजा, प्रवचन, और तीर्थयात्राओं के माध्यम से पार्श्वनाथ भगवान के दीक्षा कल्याणक का उत्सव मनाता है, जो उनके आध्यात्मिक मार्ग को स्मरण और सम्मानित करने का अवसर होता है। पार्श्वनाथ भगवान का जन्म वाराणसी में हुआ था और उन्होंने समाधि प्राप्ति सम्मेद शिखर पर की। उनकी दीक्षा और त्याग की कथा जैन धर्म के अनुयायियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है, जो अहिंसा, सत्य, और तपस्या के मार्ग पर चलने का संदेश देती है।

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