पार्श्वनाथ भगवान का जन्म कल्याणक और पोष दशमी पूजा

Asked as: “पोष दशमी — पार्श्वनाथ भगवान का जन्म कल्याणक 2027: पार्श्वनाथ भगवान के जन्म के समय क्या हुआ, उनका जन्म कहाँ हुआ, उनका लांछन क्या है, और जैन उनका जन्म कल्याणक कैसे मनाते हैं?”

Tirthankaras 6 views Asked 07 November, 2026

Quick Answer

पोष दशमी पार्श्वनाथ भगवान का जन्म कल्याणक है, जो 2027 में माघ शुक्ल दशमी तिथि को मनाया जाता है, उनका जन्म वाराणसी में हुआ था और उनका लांछन सर्प है।

Detailed Answer

पोष दशमी पार्श्वनाथ भगवान के जन्म कल्याणक के रूप में मनाई जाती है, जो 2027 में माघ मास के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि (2 जनवरी 2027) को पड़ती है। यह दिन पार्श्वनाथ, जो जैन धर्म के 23वें तीर्थंकर हैं, के जन्म का शुभ अवसर है। उनके जन्मस्थान के रूप में वाराणसी प्रसिद्ध है, जहाँ उनका अवतार हुआ था, और उनका लांछन अर्थात् प्रतीक सर्प है, जो उनकी मूर्तियों और चित्रों में दर्शाया जाता है। पार्श्वनाथ भगवान का मोक्ष स्थान सम्मेद शिखर है। जैन समुदाय इस दिन चौमासा प्रतिक्रमण के साथ उपवास, अयम्बिल व्रत, चौविहार व्रत, गुरु के प्रवचनों और स्वाध्याय के माध्यम से उनकी महत्ता को स्मरण करता है तथा दान और जीवदया को बढ़ावा देता है। ध्यान रहे कि यह तिथि भारत के पंचांग के अनुसार निर्धारित होती है, इसलिए स्थानीय संघ के पंचांग में एक दिन का अंतर हो सकता है। पार्श्वनाथ भगवान के जन्म कल्याणक का यह पर्व जैन धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण है क्योंकि यह उनके जीवन और शिक्षाओं की आरंभिक घटना को दर्शाता है।

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