सुविधिनाथ भगवान का केवलज्ञान कल्याणक 2026 कैसे मनाया जाता है
Asked as: “सुविधिनाथ (पुष्पदंत) भगवान का केवलज्ञान कल्याणक 2026: सुविधिनाथ भगवान को केवलज्ञान कैसे प्राप्त हुआ, उनका समवसरण कैसा था, और उनका केवलज्ञान कल्याणक कैसे मनाया जाता है?”
Quick Answer
सुविधिनाथ (पुष्पदंत) भगवान को केवलज्ञान 12 नवंबर 2026 को कार्तिक शुक्ल तृतीया को प्राप्त हुआ, उनका समवसरण दिव्य और व्यापक था, और केवलज्ञान कल्याणक इसी तिथि को विधिवत् मनाया जाता है।
Detailed Answer
सुविधिनाथ, जिन्हें पुष्पदंत के नाम से भी जाना जाता है, जैन धर्म के 9वें तीर्थंकर हैं, जिनका जन्म काकंडी स्थान पर हुआ और मोक्ष सम्मेद शिखर पर प्राप्त हुआ। केवलज्ञान कल्याणक वह दिव्य घटना है जब तीर्थंकर को सम्यक ज्ञान की पूर्ण प्राप्ति होती है, जो सुविधिनाथ भगवान को कार्तिक शुक्ल तृतीया, 12 नवंबर 2026 को हुई। इस दिन उनका समवसरण अत्यंत भव्य और दिव्य था, जिसमें उन्होंने अपने ज्ञान का प्रचार किया और जीवों को मोक्ष मार्ग दिखाया। केवलज्ञान कल्याणक के अवसर पर जैन समुदाय विधिपूर्वक पूजा, प्रवचन और उपवास करता है तथा तीर्थंकर की महिमा का स्मरण करता है। यह तिथि चंद्र मास के अनुसार निर्धारित होती है और भारत में स्थानीय पंचांग के अनुसार एक दिन का भिन्नता हो सकती है। इस कल्याणक के माध्यम से जैन धर्म में ज्ञान, शुद्धि और मोक्ष की महत्ता को पुनः स्थापित किया जाता है, जो आत्मा के शुद्धिकरण और बंधनों से मुक्ति का प्रतीक है।
Source References
This answer is generated by JainGPT and grounded in primary Jain scriptures, commentaries and scholarly texts from our digitised library. See the cited references below and our editorial standards.
Was this answer helpful?
Your feedback helps more seekers find trustworthy Jain wisdom.
🙏 Thank you — your feedback has been recorded.
JainGPT
Comments (Loading...)
Please sign in to add comments and vote.