कार्तिक पूर्णिमा 2026: चातुर्मास समाप्ति और शत्रुंजय यात्रा

Asked as: “कार्तिक पूर्णिमा 2026: चातुर्मास आज क्यों समाप्त होता है, शत्रुंजय यात्रा के लिए क्यों खुलता है, और शत्रुंजय पट दर्शन क्या है?”

Festivals 0 views Asked 03 November, 2026

Quick Answer

कार्तिक पूर्णिमा 2026 को चातुर्मास समाप्त होता है और शत्रुंजय यात्रा के लिए यह तिथि खुलती है, जिसमें शत्रुंजय पट दर्शन का विशेष महत्व है।

Detailed Answer

चातुर्मास, जो कि जैन धर्म में चार महीने का वसावास होता है, वर्ष 2026 में 28 जुलाई से शुरू होकर 24 नवंबर को कार्तिक पूर्णिमा के दिन समाप्त होता है। इस अवधि में जैन साधु-साध्वियां अपने स्थायी स्थान पर रहते हुए उपवास, प्रातःकालीन प्रार्थना, स्वाध्याय और दान जैसे धार्मिक कर्तव्यों का पालन करते हैं। कार्तिक पूर्णिमा के दिन चातुर्मास का समापन होता है क्योंकि यह दिन शत्रुंजय यात्रा के आरंभ के लिए शुभ माना जाता है, जो जैन तीर्थ शत्रुंजय (शत्रुंजय पर्वत) की ओर तीर्थयात्रा होती है। इस यात्रा के दौरान श्रद्धालु शत्रुंजय पट दर्शन करते हैं, जो एक पवित्र और धार्मिक अनुष्ठान है जिसमें तीर्थंकरों के चित्रों या पटों का दर्शन और पूजा की जाती है। शत्रुंजय पट दर्शन का उद्देश्य तीर्थंकरों की महिमा का स्मरण कर आत्मा की शुद्धि और मोक्ष की ओर प्रगति करना होता है। चातुर्मास के दौरान तीर्थयात्रा स्थगित रहती है ताकि साधु-साध्वियां अपने तप और साधना में लीन रह सकें, और कार्तिक पूर्णिमा के दिन यह यात्रा पुनः शुरू होती है। इस प्रकार कार्तिक पूर्णिमा 2026 को चातुर्मास का समापन और शत्रुंजय यात्रा का शुभारंभ होता है, जो जैन धर्म के अनुयायियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण धार्मिक अवसर है। जैन पंचांग के अनुसार ये तिथियां हर वर्ष चंद्र कैलेंडर के अनुसार बदलती रहती हैं।

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